कोविड पॉजिटिव उम्मीदवारों के लिए अलग कमरों की होगी व्यवस्था, NEET-JEE परीक्षा के लिए सरकार ने उठाए हैं कदम

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नई दिल्ली: मंगलवार से साल का सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा सीज़न शुरू होने जा रहा है जिसमें 1 से 6 सितंबर तक ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम (जेईई) और 13 सितंबर को नेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की परीक्षा होगी.

सरकार छात्रों की इन चिंताओं के बावजूद नीट-जेईई कराने जा रही है कि ये पेपर्स कोविड-19 महामारी के बीच हो रहे हैं लेकिन नीट और जेईई मेंस कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीईए) ने उम्मीदवारों को आश्वस्त किया है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोविड के तमाम एहतियाती कदम उठाए गए हैं.

पिछले दो हफ्तों में एनटीए की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्तियों और एजेंसी के अधिकारियों से हुई बातचीत से अंदाज़ा होता है कि क्या इंतज़ामात किए गए हैं.

इन इंतज़ामात में ज़्यादा संख्या में परीक्षा केंद्र, हर कमरे में छात्रों की कम संख्या और सोशल डिस्टेंसिंग शामिल है.

एनटीए ने ये प्रावधान भी किया है कि जो छात्र पक्के तौर पर संक्रमित हैं या जो संदिग्ध हैं वो अलग कमरों में इम्तिहान दे सकते हैं.

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जेईई और नीट पहले बड़े पैमाने के इम्तिहान हैं जो कोविड-19 महामारी फैलने के बाद कराए जा रहे हैं और ये ऐसे समय हो रहे हैं जब भारत में कोरोनावायरस के हर रोज़ तकरीबन 70,000 नए केस दर्ज हो रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुमान से जेईई मेंस और नीट के लिए क्रमश: 8.58 लाख और 15.97 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है.

एनटीए के अनुसार जेईई इम्तिहान के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या सामान्य 570 से बढ़ाकर 660 कर दी गई है और नीट के लिए 2,546 से बढ़ाकर 3,843 कर दी गई है. पहले एजेंसी की योजना हर परीक्षा कक्ष में 24 छात्र बिठाने की थी लेकिन अब ये संख्या घटाकर 12 कर दी गई है.

इम्तिहान आठ की जगह 12 शिफ्टों में कराए जाएंगे. पहले एजेंसी की योजना थी कि एक शिफ्ट में 1.32 लाख उम्मीदवार इम्तिहान देंगे लेकिन अब ये संख्या घटाकर 85,000 कर दी गई है.

इसके अलावा एजेंसी ने 10 लाख से अधिक मास्क और ग्लव्ज़ ख़रीदे हैं. परीक्षा हॉल में दाख़िल होते समय हर छात्र को ताज़ा मास्क दिया जाएगा जिसका मतलब है की जो मास्क लगाकर वो परीक्षा केंद्र तक आएंगे उसे फेंक देना होगा.

सभी परीक्षा हॉल्स में सैनिटाइज़र बॉटल्स भी उपलब्ध कराई जाएंगी और छात्रों से भी अपने सैनिटाइज़र बॉटल्स लाने को कहा गया है.

एनटीए अधिकारियों ने दिप्रिंट से कहा कि परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल के अंदर अपने एडमिट कार्ड, सैनिटाइज़र्स, ग्लव्ज़ और पानी की बोतलें लाने की अनुमति होगी. जेईई के लिए जो कंप्यूटर पर आधारित इम्तिहान है छात्रों को रफ काम के लिए नोट पैड्स दिए जाएंगे. नीट दे रहे छात्रों- जो पेन और पेपर का एग्ज़ाम है, स्टेशनरी ले जाने की अनुमति होगी.

राज्यों में प्रबंध

इसके भी पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं कि टेस्ट शुरू होने का इंतज़ार करते हुए छात्र परीक्षा केंद्रों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रख सकें. हर परीक्षा केंद्र पर थर्मल स्क्रीनिंग और टेम्प्रेचर चेक्स किए जाएंगे. जिस भी छात्र का टेम्प्रेचर अधिक पाया जाएगा उसे आईसोलेशन रूम में बिठाया जाएगा. एजेंसी ने ये भी इंतज़ाम किए हैं कि जिन छात्रों को कोविड-19 पॉज़िटिव है वो आईसोलेशन रूम्स में इम्तिहान लिख सकेंगे लेकिन एजेंसी ने ऐसे उम्मीदवारों के बारे में पहले से घोषणापत्र मांगे हैं.

एक सीनियर एनटीए अधिकारी ने कहा, ‘अगर कोई उम्मीदवार कोविड-19 पॉज़िटिव है तो उसके लिए आईसोलेशन रूम में बैठने का प्रावधान है लेकिन हम मान कर चल रहे हैं कि ऐसे उम्मीदवार ख़ुद ही एग्ज़ाम के लिए नहीं आएंगे’.

एजेंसी का ये भी दावा है कि उन्होंने सुनिश्चित किया है कि 99 प्रतिशत छात्रों को उनकी पसंद का टेस्ट सेंटर मिले.

एनटीए ने राज्यों को ये भी लिखा है कि उम्मीदवारों की यात्रा को आसान बनाया जाए और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और इम्तिहान सही तरीके से आयोजित कराने के लिए, उनसे एनटीए के साथ सहयोग करने का अनुरोध कर रहे हैं.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ऐलान किया कि राज्य सरकार उन छात्रों को मुफ्त परिवहन उपलब्ध कराएगी जो अपने जेईई परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना चाहते हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘मध्य प्रदेश सरकार जेईई/नीट परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए मुफ्त वाहन मुहैया कराने का प्रबंध कर रही है’.

जो छात्र इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं उन्हें हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करना होगा या इस सरकारी वेबसाइट पर जाना होगा.

ओडिशा सरकार ने तो मुफ्त यात्रा के अलावा मुफ्त आवास का भी वादा किया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने यात्रा में सहायता का वादा किया है.

(इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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