अमिताभ बच्‍चन समेत बॉलीवुड हस्तियों ने जानिए कैसे दीं नवरात्रि की शुभकामनाएं

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मुंबई। शारदीय नवरात्र 2020 आज शनिवार से शुरू हो चुकी है। इस नवरात्र का विशेष महत्व इसलिए है क्‍योंकि इस दिन मां दुर्गा का आगमन स्वर्ग से धरती पर होता है। हिंदू धर्म के लोग नवरात्र के नौ दिनों में दुर्गा देवी के नौ रूपों की पूजा धूमधाम से करते हैं। नवरात्रि के हर दिन देवी के अलग-अलग रुपों की पूजा-अर्चना की जाती है। आज से शुरु हुआ ये नौ दिन का त्यौहार, जो देवी दुर्गा और उनके कई अवतारों की शक्तिशाली वीरता का उत्सव है, 25 अक्टूबर को संपन्न होगा। इस अवसर पर कई बॉलीवुड हस्तियों ने अपने प्रशंसकों को इस असवसर पर शुभकामनाएं देने के के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। अपने प्रशंसकों को सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, रवीना टंडन और निमरत कौर ने शुभकामनाएं दीं है।

एक्‍टर अमिताभ बच्चन ने दुर्गा मां की कई तस्वीरें और एक आध्यात्मिक मंत्र माँ शक्ति को समर्पित किया। या देवी सर्व भूतेषु माँ रूपेण संस्थिता।या देवी सर्व भूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता । या देवी सर्व भूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता । या देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै। नमस्तस्यै।नमस्तस्यै। नमो नमः।। जय माता दी।

एक्‍ट्रेस रवीना टंडन ने कोलकत्‍ता में कलाकार पल्लब भौमिक द्वारा बनाई गई मूर्ति के बारे में बात की जिसमें माँ दुर्गा को एक प्रवासी महिला के रूप में दिखाया गया था। रवीना ने लिखा, “# Navratri2020 Navratri ki shubhkaamnayein। कोलकाता के प्रमुख पंडालों में से एक में इस साल पूजा के लिए मूर्तिकार पल्लब भौमिक ने बच्चों के साथ प्रवासी महिला की मुर्ति बना कर माँ दुर्गा का रुप दर्शाया है। # मां शक्ति

निमरत कौर ने देवी दुर्गा की एक पेंटिंग के साथ केवल लिखा, हैप्‍पी नवरात्रि सभी को”। रकुल प्रीत सिंह, जिनसे हाल ही में एनसीबी ने बॉलीवुड ड्रग जांच में पूछताछ की थी, ने लिखा, “सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं।”

क्यों मनाया जाता है नवरात्रि का पर्व ?

भारत के विभिन्न हिस्सों में नवरात्रि का अलग महत्व है। नवरात्रि का अर्थ है नौ रातें, जहाँ नव का अर्थ नौ होता है और रात्रि का अर्थ है रात। लोग नौ दिनों का उपवास करते हैं और उन्हें देवी देवी से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें बुराई से बचाएं। गुजरात में, इन दिनों डांडिया रातों में नौ दिनों के नृत्य और मस्ती के साथ मनाया जाता है, पश्चिम बंगाल में, देवी दुर्गा की विशाल मूर्तियों को मंडपों में रखा जाता है और नौ दिनों तक पूजा की जाती है और दशहरे के दिन उन्हें विसर्जित किया जाता है।

देवी के नव स्‍वरुपों के मंत्र

1. शैलपुत्री- ह्रीं शिवायै नम:।

2. ब्रह्मचारिणी- ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।

3. चन्द्रघण्टा- ऐं श्रीं शक्तयै नम:।

4. कूष्मांडा- ऐं ह्री देव्यै नम:।

5. स्कंदमाता- ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।

6. कात्यायनी- क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:।

7. कालरात्रि – क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।

8. महागौरी- श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।

9. सिद्धिदात्री – ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।

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