शिवराज के मंत्री बोले- हम घर से खींचकर जमीन में गाड़ने की रखते हैं हिम्मत

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भोपाल. मध्य प्रदेश में उपचुनाव (Madhya Pradesh By-Election) को लेकर बिगुल बज चुका है. सभी दलों के प्रत्याशी और नेता प्रचार के लिए मैदान में कूद गए हैं. इसके साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. इसी बीच खबर है कि मध्य प्रदेश के उच्चा शिक्षा मंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने एक विवादित बयान दिया है. आगर मालवा (Agar Malwa) में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरने वाले लोग हैं. हमलोग विरोधियों से किसी भी तरह से निपटना जानते हैं. उन्होंने कहा कि हमलोग कमजोर नहीं हैं और न ही नौटंकियों में विश्वास करने वाले हैं. मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि जो भी हम लोगों का बुरा करना चाहेगा, उन्हें घर से खींचकर बाहर निकाल लाएंगे और जमीन में गाड़ देंगे. मध्‍य प्रदेश के उच्‍च शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमलोग बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ता हैं. यह अपने आप में कोई मामूली बात नहीं है. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए कहा कि विधायक इसलिए नहीं होते की सरपंचों का शिकार करें. उनकी माने तो शिकार करने का दम है तो जंगल में जाओ और जानवर मारो. मंत्री ने आगे मालवा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रभारी जयवर्धन सिंह पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नकली राजा के छोकरे को लेकर आए हैं. अब हम सबको ठिकाने लगा देंगे. वहीं, मंत्री के इस बयान की कांग्रेस ने निंदा की है.

कांग्रेस ने लगाए हैं गंभीर आरोप
कांग्रेस (Congress) ने सोमवार को आरोप लगाया था कि स्थानीय भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने जिले के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को अपनी पार्टी के पक्ष में लुभाने के लिए रुपये बांटे और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया. इस क्षेत्र में 3 नवंबर को उपचुनाव (By-election) होने हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संतोष सिंह गौतम ने एक बयान में कहा, “इंदौर शहर के क्षेत्र क्रमांक-तीन के भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा सांवेर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को नोट बांटे जाने का एक वीडियो वायरल हुआ है. विधायक का यह कृत्य उपचुनाव की आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा नोट कांड को लेकर भाजपा विधायक के खिलाफ निर्वाचन आयोग को शिकायत की जा रही है और आयोग को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए.

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