भदोही: आर्म्स एक्ट के मामले में जेल भेजे गए ब्लाक प्रमुख ज्ञानपुर

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फाइल फोटो: ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा

ज्ञानपुर (भदोही)। क्षेत्र पंचायत ज्ञानपुर के प्रमुख मनीष मिश्र की जमानत याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। तत्पश्चात उन्हें पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय ज्ञानपुर की अदालत ने फर्जी पता बताकर असलहा लाइसेंस प्राप्त करने के मामले में ज्ञानपुर ब्लाक प्रमुख की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए याचिका निरस्त कर दिया। बता दें कि मनीष मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2010 से पूर्व भदोही के कौलापुर के पते पर असलहा लाइसेंस लिया था। जबकि वह प्रयागराज सैदाबाद के खपटिहा के मूल निवासी रहे। अवगत हो कि 2011 में तत्कालीन एसओ कपिलदेव तिवारी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट की ओर से कई बार हाजिर होने के लिए पत्र जारी हुआ लेकिन वह नहीं हाजिर हुए। इस बावत कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया। वहीं शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत के समक्ष वह पेश हुए। जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए प्रमुख की जमानत याचिका खारिज कर जेल भेजने का आदेश दे दिया। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कहा कि पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में वारंट जारी हुआ था। शुक्रवार को ज्ञानपुर ब्लाक प्रमुख ने सरेंडर किया था। जमानत याचिका खारिज होने पर उन्हें जेल भेजा गया है।

उधर खबर है कि कोरोना संक्रमित पाए जाने पर मनीष मिश्रा को कोविड-19 केयर सेंटर भदोही भेज दिया गया है।

बता दें कि मनीष मिश्रा ज्ञानपुर ब्लॉक के वर्तमान में प्रमुख हैं। पूर्व में वह डीघ ब्लॉक के भी प्रमुख रहे हैं। तथा वह चित्रकूट जेल में बंद विधायक विजय मिश्रा के भतीजे हैं। पिछले कई महीने से विजय मिश्रा और मनीष मिश्रा के बीच आपसी खींचतान चल रही है।

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