रायपुर :-पशुपालकोें, गरीबों और जरूरतमंदों के हाथों में पैसा पहुंचाने राजीव गांधी का सपना हो रहा है पूरा: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत प्रदेश के 76 हजार 803 गोबर विक्रेताओं को तृतीय किस्त 6 करोड़ 27 लाख रूपए का भुगतान किया। इन पशुपालकों एवं गोबर विक्रेताओं से 31 अगस्त तक 3 लाख 13 हजार 765 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई। उल्लेखनीय है छत्तीसगढ़ की पारंपरिक हरेली तीहार से प्रारंभ गोधन न्याय योजना के तहत अब तक 12 करोड़ 70 लाख रूपए से अधिक की राशि गोबर विक्रेताओं को हस्तांतरित की जा चुकी है। योजना का अधिकतम लाभ प्रदेश गरीबों और जरूरतमंद तबके के लोगों को मिल रहा है। योजना के तहत प्रथम किस्त में एक करोड़ 67 लाख रूपए, द्वितीय किस्त में 4 करोड़ 74 लाख रूपए और तृतीय किस्त में 6 करोड़ 27 लाख रूपए का भुगतान किया गया। योजना का अधिकतम लाभ प्रदेश के गरीबों और जरूरतमंद तबके के लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर ’गोधन न्याय योजना एप’ का भी शुभारंभ किया। 

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में पशुपालकों, गरीबों और जरूरतमंदों के हाथों में पैसा पहुंचाने में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना गरीबों, पशुपालकों में काफी लोकप्रिय हो रहा है, योजना से भूमिहीन और गरीबों को लाभ मिल रहा है। उन्होंनेे कहा कि राज्य में किसानों, ग्रामीणों, मजदूरों एवं आदिवासियों को विभिन्न योंजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से मदद पहुंचाकर हम राजीव जी के सपनों को साकार करने का काम रहे है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत राज्य शासन द्वारा दो रूपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना की शुरुआत 20 जुलाई हरेली पर्व के दिन से की गई थी। योजना के तहत क्रय किए जा रहे गोबर का भुगतान 15-15 दिवस के भीतर किये जाने का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में क्रय किए जा रहे गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण होगा। इसके लिए स्व सहायता समूहों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। गोधन न्याय योजना से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी।     मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य शासन द्वारा गोधन न्याय योजना को सर्वाधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने सभी कलेक्टरों और सीईओ जिला पंचायतों को गौठानों में गोबर की आवक के अनुरूप तेजी से वर्मी कम्पोस्ट टांका के निर्माण के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए। वर्तमान में 4419 गौठानों में पंजीकृत एक लाख 29 हजार 411 में से एक 2 हजार 561 पशुपालकों के द्वारा 6 लाख 35 हजार 14 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया। जिसकी कुल राशि 12 करोड़ 70 लाख रूपए पशुपालकों के बैंक खातों में हस्तांतरण कर दिया गया है। 

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस दौरान रायपुर जिले के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोहका और दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सिकोला के गौठान समिति के सदस्यों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। गौठान के सदस्यों ने बताया कि वर्तमान में गांव में 43 पंजीकृत पशुपालक हैं, पशुपालकों ने 209 क्विंटल गोबर का विक्रय किया है और उन्हें 4 लाख 18 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई है। सदस्यों ने यह भी बताया कि वे गौठान में रह रहे 80 मवेशियों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था करते हैं उन्होंने समिति के माध्यम से लगभग 4 एकड़ में नेपियर घास का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसके अलावा साग-सब्जी का भी उत्पादन कर उनके द्वारा अतिरिक्त आमदनी अर्जित की जा रही हैं। साथ ही मछली पालन भी कर रहे है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने समिति के सदस्यों को और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गौ-माता की अच्छी सेवा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अच्छे से मेहनत कर अतिरिक्त आमदनी कमाने की दिशा में काम करते रहें। मुख्यमंत्री श्री बघेल को सिकोला गौठान समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके गौठान में वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम शुरू हो गया है, अब तक दो हजार किलोग्राम से अधिक कम्पोस्ट खाद की विक्रय कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की गई है। मुख्यमंत्री ने गौठान समिति के चरवाहा बुदरू राम से भी बात की उन्होंने बताया कि वे रोजाना लगभग 45 से 50 किलोग्राम गोबर एकत्र कर लेते है। इससे उन्हे लगभग सौ रूपए की आमदनी हो रही है। सदस्यों ने बताया कि गौठान समीप अन्य जमीनों पर सब्जी-भाजी उत्पादन के साथ-साथ मुर्गी शेड भी तैयार हो गया है। जल्द ही मुर्गी पालन शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-संवर्धन एवं संरक्षण के लिए शुरू की गई गोधन न्याय योजना आप लोगों की मेहनत से ही सफल हो पाएगा। कार्यक्रम को कृषि श्री रविन्द्र चौबे ने भी संबेधित किया।

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