झंडा गीत के रचयिता पार्षद जी को याद किया

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दो वर्ष पहले महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था अनावरण

सरसौल (कानपुर) पार्षद स्मृति संस्थान के तत्वाधान में राष्ट्रकवि झंडा गीत रचयिता झंडा ऊंचा रहे हमारा विजई विश्व तिरंगा प्यारा के पद्मश्री श्यामलाल गुप्त पार्षद जी की प्रतिमा का अनावरण पिछली 6 अक्टूबर 2018 को भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी द्वारा नर्वल कानपुर में गणेश सेवा आश्रम के परिसर में लगी हुई प्रतिमा का किया उस का लोकार्पण करते हुए राष्ट्रपति महोदय ने कहा था कि लोग महापुरुषों की प्रतिमाओं का लोकार्पण तो करा लेते हैं परंतु उनके बाद कोई भी दो श्रद्धा से चढ़ाने नहीं जाता उन्होंने कानपुर के निवासी का एहसास कराते हुए नाना राव में लगी प्रतिमाओं का उदाहरण दिया कि संस्थाओं द्वारा अति उत्साह में प्रतिमा लगा दी गई और भव्य कार्यक्रम भी किए गए परंतु 1 वर्ष बाद पता किया गया तो कोई भी फुल व माला अर्पण करने तक नहीं गया उसी समय कार्यक्रम समन्वयक श्री सुरेश गुप्ता ने राष्ट्रपति महोदय को आश्वासन दिया था कि या जो प्रतिमा का लोकार्पण आपके द्वारा पद्मश्री श्यामलाल गुप्त पार्षद जी का किया जा रहा है इस प्रतिमा पर हर वर्ष पुष्पांजलि कार्यक्रम किया जाएगा और उनको याद कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की जाएगी उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का भी प्रण लिया जाएगा श्री पार्षद जी शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दे गए हैं संस्थाओं का निर्माण कर शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं सन् 1911 से मृत्यु पर्यंत दोसर वैश्य जिला विद्यालय एवं अनाथालय गणेश सेवा आश्रम गणेश शंकर बालिका विद्यापीठ समाचार पत्र समिति व अन्य बहुत संस्थाओं की स्थापना की इसके अतिरिक्त स्त्री शिक्षा, विधवा विवाह, तथा दहेज विरोध में विशेष सक्रिय योगदान अनाथ असहाय बालक बालिकाओं के शिक्षण हेतु निरंतर कार्य करते रहें वे कवियों में भी अपना उचित स्थान रखते थे मातृभाषा हिंदी के अमर सपूत राष्ट्रीय धारा के प्रमुख ओजस्वी कवि थे सामाजिक कुरीतियों पर व्यंग रचना लिखने पर वह दंडित भी हुए पार्षद जी का जन्म कानपुर के नरवर ग्राम में सन 19 सितंबर 18 96 को हुआ था निधन 10 अगस्त 1977 को को हुआ था उन्होंने 8 बार जेल की यात्रा की स्वतंत्र संग्राम के संबंध में और 6:30 वर्ष जेल में रहे वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ-साथ राम भक्त प्रसिद्ध रामायणी मानस मर्मज्ञ रामायण उनको कंठस्थ थी वह भगवान राम के सेवक थे कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी नरवल रिजवाना शाहिद ने कहा कि यह कार्यक्रम हर वर्ष होता रहेगा उन्होंने चरखे से सूत की माला पार्षद जी की प्रतिमा को अर्पित की कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश गुप्ता ने किया तथा संचालन सुरेंद्र अवस्थी द्वारा किया गया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मोहम्मद वसीक नीरज गुप्ता शुभम गुप्ता महेश प्रसाद अग्निहोत्री अनुज साहू हनुमान तिवारी प्रदीप शिवहरे राजीव अवस्थी मोहित सचान आदि लेखपाल नर्वल आदि प्रमुख थे

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