जहानाबाद: शव पहुंचते ही लोगों का भड़का आक्रोश, किया सड़क जाम

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जहानाबाद। औरंगाबाद के अनुमंडलीय उपकारा दाउदनगर में मृत नगर थाना क्षेत्र के इरकी निवासी रामबाबू मांझी का शव आते ही उसके स्वजन तथा ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उनलोगों ने शव के साथ पटना-गया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 83 को जाम कर दिया। इस कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क जाम कर रहे लोग उसकी हत्या कर दिए जाने का आरोप लगा रहे थे।

उन लोगों का कहना था कि शराब के मामले में उसे 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए जाने के उपरांत उसकी बेरहमी के साथ पिटाई की गई थी और इलाज कराए बगैर औरंगाबाद जेल भेज दिया गया था। वे लोग घटना स्थल पर डीएम-एसपी के आने की मांग भी कर रहे थे।

सड़क जाम की जानकारी मिलते ही अंचलाधिकारी संजय कुमार अंवष्ट तथा नगर थानाध्यक्ष रवि भूषण वहां पहुंचे तथा सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाने का काफ़ी प्रयास किया। लेकिन वे लोग मानने को तैयार नहीं थे। उनलोगों का कहना था कि मारपीट की घटना में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ़ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों के समझाने के उपरांत वे लोग माने परिणामस्वरूप घंटों बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।

सीओ ने बताया कि उसके स्वजनों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये के चेक दिए गए। जबकि कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत भी तीन हजार रुपये दिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और पारिवारिक लाभ योजना की राशि दिए जाने के उपरांत वे लोग माने। परिणामस्वरूप वाहनों का परिचालन आरंभ हुआ।

बताते चलें कि पुलिस द्वारा 15 अक्टूबर को 15 लीटर शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार होने के उपरांत उसे औरंगाबाद के जेल में भेजा गया था। पुलिस के अनुसार दाउदनगर उपकारा में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। जहां जहानाबाद जिले के बंदियों को रखे जाने का इंतजाम किया गया है। वहां 14 दिनों तक रखे जाने के उपरांत ही मूल जिले के जेल में भेजा जाता है। क्वारंटाइन सेंटर में रखे जाने के कारण उसे वहां भेजा गया था।

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