ढाबा संचालक की पिटाई से घायल युवक ने दम तोड़ा

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बीते १३ सितंबर को मामूली विवाद में ढाबा संचालकों ने तीन युवकों को जमकर पीटा था
चकेरी के भवानी नगर के रहने वाले दोस्त लखनऊ के साथी से मिलने उन्नाव गए थे

कानपुर, २२ सितंबर। उन्नाव-अचलगंज मार्ग के बंथर चौराहे पर बीते १३ सितंबर को मामूली विवाद में ढाबा संचालक व उसके साथियों ने मिलकर सिपाही भर्ती में चयनित उत्कर्ष व उसके दो दोस्तों की लाठी-डंडो और रॉड से जमकर पिटाई कर दी थी। जिसमें घायल साथ सुमित की तीन दिन बाद ही उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं जिदंगी और मौत से जूझ रहे उत्कर्ष की मंगलवार दोपहर मौत हो गई।
चकेरी के दहेली सुजानपुर भवानी नगर निवासी विजय साहू का बड़ा बेटा उत्कर्ष उर्फ वासू साहू (२२) कम्पीटशन परीक्षा की तैयारी के साथ पिता के व्यापार में हाथ बटाता था। बीते १३ सितंबर को वह दोस्त सुमित, शुभम सिंह, शुभम सिंह सेंगर और मंजुल के साथ लखनऊ जा रहा था। इसी दौरान सिपाही भर्ती में चयनित सुमित के दोस्त संग्राम का फोन आने पर सभी बंथर के एक ढाबे में रूक गये। जहां सुमित, उत्कर्ष और शुभम सिंह मसाला व सिगरेट लेने गये। मंजुल ने बताया कि ढाबा संचालक ने पान मसाले की कीमत ज्यादा मांगी। तभी तीनों ने न लेने की बात कही, और वापस जाने लगे। इसी बीच ढाबा संचालक गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर ढाबा संचालक रजोल मिश्रा व बचोल मिश्रा ने अपने आधा दर्जन साथियों के साथ मिलकर तीनों को बीच सड़क लाठी-डंडे और रॉड से जमकर पीटा। मंजूल का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को सूचना दी लेकिन कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं आए। इतना ही नहीं घटनास्थल के पास में ही पुलिस पिकेट मौजूद रहती लेकिन कोई पुलिसकर्मी बचाने नहीं आया। वहीं कार में बैठे शुभम सिंह सेंगर और मंजूल कार से तीनों को आभा नर्सिंग होम ले कर आए। जहां डॉ€टरों ने हालत गंभीर हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं १६ सितंबर को सुमित की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इधर, जिदंगी और मौत से जूझ रहे उत्कर्ष ने भी मंगलवार दोपहर हैलट अस्पताल में दम तोड़ दिया। जबकि साथी दोस्त शुभम सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है।

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