चंदौली: वित्तविहीन शिक्षक माध्यमिक शिक्षा की रीढ़-राजेन्द्र

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चहनियां। शासन द्वारा जो भी टीजीटी व पीजीटी के विज्ञापन विज्ञापित कराये जा रहें हैं। उस विज्ञापन में हम वित्तविहीन शिक्षकों एवं स्ववित्त पोषित विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के शिक्षण अनुभव को मान्य करते हुए तदर्थ शिक्षकों के समान हम सभी गुरुजनों को भी अनुभव का लाभ देने का विशेष आदेश देने की घोषणा मुख्यमंत्री जी को करनी चाहिए। उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति जारी करके वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व शिक्षक विधायक प्रत्याशी राजेन्द्र प्रताप सिंह ने कही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा है कि आप हम सभी गुरुजनों को अपनाने में भी हिचक रहे हैं क्योंकि लगता है कि आप के पास धन की कमी है या इच्छा शक्ति की कमी है। जबकि वित्तविहीन शिक्षक समाज उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा की रीढ़ की हड्डी है और आप की कृपा से बंचित है। आप के राज्य में यह समाज रोजी पाकर भी रोटी के लिए मुहताज है भूखों सोने को मजबूर हैं। जिस राज्य में गुरु जन समाज भूखों मर रहा हो और उस राज्य का मुखिया फूटी आंखों से भी देखना नहीं चाहता है।

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