फ्रांस ने पाकिस्तान को दिया झटका, ठुकराई इमरान खान की अपील

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फ़ाइल फोटो

नई दिल्ली (एजेंसी)। फ्रांस ने पाकिस्तान की मदद करने से साफ इनकार कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने अपने मिराज फाइटर जेट, एयर डिफेंस सिस्टम और अगोस्टा 90B पनडुब्बियों को अपग्रेड करने के लिए मदद मांगी थी लेकिन फ्रांस ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया। कई जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के पैगंबर मोहम्मद के कार्टूनों को समर्थन देने की आलोचना की थी जिसकी वजह से फ्रांस ने ये कदम उठाया है।

फ्रांस ने कतर से भी कहा है कि वो पाकिस्तानी मूल के टेक्नीशियन्स को अपने फाइटर जेट पर काम ना करने दे क्योंकि वे फाइटर के बारे में तकनीकी जानकारी पाकिस्तान को लीक कर सकते हैं। ये फाइटर जेट भारत के डिफेंस की सबसे अहम कड़ी हैं। पाकिस्तान अतीत में भी संवेदनशील जानकारियां चीन के साथ साझा करता रहा है।

फ्रांस ने पाकिस्तानी शरणार्थियों के अनुरोध को लेकर भी कड़ी समीक्षा करना शुरू कर दिया है। सितंबर महीने में, 18 साल के पाकिस्तानी मूल के अली हसन ने शार्ली हेब्दो नाम की फ्रांसीसी मैगजीन के पुराने दफ्तर के बाहर दो लोगों पर हमला कर दिया था। उसके पिता पाकिस्तान में रहते हैं। उन्होंने एक न्यूज चैनल से कहा था कि उनके बेटे ने बहुत शानदार काम किया और वो हमले को लेकर बहुत खुश हैं। शार्ली हेब्दो मैगजीन में ही पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छपे थे।

भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने जब 29 अक्टूबर को फ्रांस का दौरा किया था तो फ्रांस की सरकार ने उन्हें इस फैसले की जानकारी दी थी। फ्रांस ने श्रृंगला को आश्वस्त किया कि वो अपने रणनीतिक साझेदार के सुरक्षा हितों को लेकर बेहद संवेदनशील है और उसने भारत के लिए संभावित खतरों को देखते हुए पाकिस्तानी मूल के टेक्नीशियन को राफेल फाइटर जेट से दूर रखने के लिए कहा है।

फ्रांस की सरकार ने पाकिस्तान के मिराज-3 और मिराज-5 फाइटर जेट को भी अपग्रेड नहीं करने का फैसला किया है। ये फैसला पाकिस्तान की वायु सेना के लिए किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि उसके पास फ्रेंच फर्म दसौल्ट एविएशन के 150 मिराज फाइटर जेट हैं। इनमें से आधे ही काम के लायक हैं।

पाकिस्तान दशकों से मिराज फाइटर जेट खरीदता रहा है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इनकी मरम्मत का काम होता है। भारत और फ्रांस के राजनियकों ने एक अखबार को बताया कि पाकिस्तान ने हाल ही में फ्रांस से फाइटर जेट को अपग्रेड करने की अपील की थी लेकिन उसकी अपील को खारिज कर दिया गया है। पाकिस्तान की फ्रेंच-इटालियन एयर डिफेंस सिस्टम को भी अपग्रेड करने के अनुरोध को भी ठुकरा दिया गया है।

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने तीसरी बार अपनी अगोस्ता 90B पनडुब्बी को एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्सन सिस्टम से अपग्रेड करने के लिए कहा था ताकि पनडुब्बी पानी के अंदर ज्यादा देर तक टिक सके लेकिन ये अनुरोध भी फ्रांस ने स्वीकार नहीं किया।

इससे पहले, जर्मनी की चांसलर एजेंला मार्केल ने पाकिस्तान की पनडुब्बियों के अपग्रेड करने के अनुरोध को खारिज कर दिया था। मई 2017 में काबुल में जर्मनी दूतावास के बाहर हुए आतंकी हमले के दोषियों की पहचान ना कर पाने को लेकर जर्मनी ने पाकिस्तान की सरकार से नाराजगी जताई थी।

पिछले कुछ वक्त से पाकिस्तान और फ्रांस के रिश्तों में खटास आ गई है। फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छपने का बचाव किया था और कहा था कि उनके देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमेशा कायम रहेगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मैक्रों पर इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

इमरान खान ने मुस्लिम देशों के नेताओं को एक खुला खत भी लिखा था और गैर-मुस्लिम देशों में बढ़ते इस्लामोफोबिया के खिलाफ एकजुट होने की अपील की थी। पाकिस्तान की सड़कों पर फ्रांस के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए और संसद में पैरिस से अपने राजदूत को वापस बुलाने के लिए प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया था।

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