प्रधानमंत्री ने कोरोना का टीका तैयार होने पर तेजी से टीकाकरण सुनिश्चित करने का दिया निर्देश

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कोरोना के हालातों पर की उच्चस्तरीय समीक्षा
चुनाव आयोजन की तरह टीका वितरण की प्रणाली विकसित करने कर दिया सुझाव

-आज समाचार सेवा-
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना का टीका तैयार हो जाने पर उसके तेजी से टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रधानमंत्री ने चुनाव आयोजन की तरह टीका वितरण की ऐसी प्रणाली विकसित करने का सुझाव दिया है, जिसमें सरकारी और नागरिक समूहों की प्रत्येक स्तर पर भागीदारी हो।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बताया कि प्रधानमंत्री ने आज कोरोना के हालातों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करके टीके के वितरण-आपूर्ति की तैयारियों के बारे जानकारी ली। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पंचायत से लेकर केंद्र सरकार और सभी नागरिक समूहों को शामिल करते हुये टीकाकरण की व्यवस्था चुनाव की तर्ज पर दुरुस्त रखने को कहा। साथ ही मोदी ने लोगों से त्योहारों के मौसम में सोशल डिस्टेंसिंग, साफ-सफाई और संयम का पालन करते रहने की अपील की।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों से लगातार नए मरीजों और मौतों की संख्या लगातार घट रही है। संक्रमण की दर में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि भारत में तीन टीके विकसित होने के उन्नत चरणों में है, जिनमें से दो टीके चरण-2 में और एक टीका तीसरे चरण में है। कोरोना वायरस जीनोम पर दो अखिल भारतीय अध्ययनों से पता चलता है कि वायरस आनुवंशिक रूप से स्थिर है, इसमें कोई बड़ा परिवर्तन नहीं है।
भारतीय वैज्ञानिक और शोध संस्थान पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका के साथ मिलकर भी काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिक समुदाय को निर्देश दिया कि क्लीनिकल ट्रायल और शोध का यह कार्य सिर्फ पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इस सहयोग का विस्तार पूरी दुनिया में होना चाहिये।
कोविड-19 के वैक्सीन कार्यक्रम से जुड़े राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने टीके के भंडारण, वितरण और प्रबंधन का ब्लू प्रिंट भी इस बैठक में रखा। विशेषज्ञ समूह राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर रहा है कि टीका तैयार होने के बाद किसे प्राथमिकता दी जाये। प्रधानमंत्री ने वैक्सीन के पूरे देश में तेजी से वितरण के तौरतरीके विकसित करने पर जोर देते हुये इसके लिए कोल्ड स्टोरेज चेन, वितरण नेटवर्क, निगरानी तंत्र, उपकरण और मूल्यांकन व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश भी दिये।
समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, पीएमओ और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
(समाप्त…/)

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