बिहारशरीफ: कोरोना रिकवरी रेट में इजाफा लाने में समुदाय का है बड़ा सहयोग : सिविल सर्जन

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  • यात्रा के दौरान भी करें कोरोना अनुरूप आचरण का पालन
  • मास्क का उपयोग शौक नहीं आवश्यकता है

बिहारशरीफ। देश भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में दिन प्रति दिन कमी देखने को मिल रही है। इस कामयाबी के लिए प्रशासन और उसके विभागों की कड़ी मेहनत के साथ समुदाय का योगदान भी काफी सराहनीय है। पहले की अपेक्षा लोग कोरोना के प्रति सावधानी बरतने में ज्यादा जागरूक हो चुके हैं। घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क लगाकर ही निकल रहे हैं तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर शारीरिक दूरी का सक्रियता से पालन कर रहे हैं। केवल शहर ही नहीं बल्कि गाँव में भी लोग एक दूसरे को कोरोना से बचने में सहयोग कर रहे हैं । 

यात्रा के दौरान सतर्कता और आपसी सहयोग बनाए रखें:

सिविल सर्जन डॉ राम सिंह ने कहा जिला में कोरोना से संक्रमितों की संख्या में पहले की अपेक्षा में काफी कमी है जिसके लिए हम समुदाय के हर वर्ग के आभारी हैं। उनके जागरूकता और सहयोग से ही विभाग के सीमित साधनों और लोगों के द्वारा कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से निपटना संभव हो पा रहा है, किन्तु स्थिति अभी भी सामान्य नहीं है क्योंकि पर्व- त्यौहारों के लिए राज्य में लोगों का आना-जाना जारी है। इसलिए कोरोना अनुरूप आचरण का पालन और मास्क का इस्तेमाल आवश्यक है।

रेलों, बसों या हवाई-यात्रा के दौरान यात्रियों को अपनी सुरक्षा के साथ अपने सहयात्रियों की सुविधा का ख्याल रखना होगा ताकि गंतव्य तक पहुँचने में उन्हे कोई परेशानी नहीं हो। सहयात्रियों से आवश्यक दूरी बनाकर रखें, मास्क और सैनिटाइज़र का प्रयोग अवश्य करें। चेहरे को बार-बार स्पर्श नहीं करें तथा जितने भी संक्रमण फैलने के खतरे हैं, उससे बचें। यह समय “वसुधैव कुटुंबकम“ को पूरी निष्ठा से निभाने का है। प्रत्येक व्यक्ति खुद को कोरोना से बचाते हुये दूसरे की कोरोना से बचने में मदद करें।

बुजुर्गों और नौनिहालों के लिए बाहर निकलना हो सकता है असुरक्षित:

सिविल सर्जन ने बताया बुजुर्गों और शिशुओं में किसी भी रोग से लड़ने के लिए जरूरी प्रतिरोधक शक्ति वयस्क लोगों की तुलना में कम होता है। इसलिए अभी भी उनका घरों से बाहर निकलना उनके स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल हो सकता है। कोरोना वैक्सीन आने तक उनको पहले की तरह ही सुरक्षित और भीड़-भाड़ से दूर रखना उचित है। हालांकि ज्यादा समय घर में रहना उनको मानसिक तनाव भी दे सकता है इसलिए परिवार के दूसरे सदस्य उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। उन्हें रचनात्मक कार्यों में व्यस्त होने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वो तरोताजा महसूस कर पाएँ और उनका समय काटना आसान हो जाए। 

इन सावधानियों से खुद को और अपनों को रखें कोरोना से सुरक्षित:

• हाथों को सैनिटाइज़ रखें। • चेहरे पर सही आकार के मास्क का ठीक तरह से इस्तेमाल करें। • बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित रूप से जाँच करें। • भीड़-भाड़ में जाने से बचें। • गंदे हाथों से बार-बार चेहरा न छुएं। • संक्रमितों या कोरोना से ठीक हो चुके लोगों से भेदभाव या दुर्भावना नहीं रखे। • सामाजिक दूरी (6 फीट या 2 गज) बनाए रखें।

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