बिहारशरीफ उत्तरी और दक्षिणी बाइपास निर्माण की धीमी प्रगति लोगों के लिए बनी है परेशानी

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  • डीएम ने समीक्षा बैठक में 10 दिसंबर तक उत्तरी बाइपास चालू करने का दिया निर्देश
  • मार्च 2020 में हीं बन जानी थी दोनों बाइपास लेकिन दोनों में बचे है ढेर सारे अवशेष कार्य

बिहारशरीफ (आससे)। बिहार शरीफ के नए निर्माणाधीन बाईपास का निर्माण दो खंडों में कराया जा रहा है। उत्तरी खंड का निर्माण पथ प्रमंडल बिहार शरीफ द्वारा तथा दक्षिणी खंड का निर्माण एनएच 82 के खंड के रूप में एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है।

जिला पदाधिकारी योगेंद्र सिंह ने पथ प्रमंडल बिहार शरीफ द्वारा कराए जा रहे उत्तरी खंड के निर्माण कार्य की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। मंगलवार को उन्होंने विभागीय अभियंता एवं संवेदक के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से 10 दिसंबर तक बाईपास के उत्तरी खंड का निर्माण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। कुछ जगहों पर जमीन से संबंधित स्थानीय समस्या के कारण कार्य बाधित हुआ है, इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने भूमि सुधार उप समाहर्ता बिहारशरीफ को इन सभी मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। बैठक में जिला भू अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता बिहार शरीफ, पथ प्रमंडल के अभियंता, संवेदक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बताते चलें कि बिहारशरीफ उत्तरी बाइपास का निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा होना था। इसके शुभारंभ करने का भी निर्देश दिया जा चुका था। लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। बाद में लॉकडाउन के कारण कार्य प्रभावित हुआ लेकिन विशेष परिस्थिति में इस सड़क के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने विभाग को निर्देश दिया था तब फिर मई में सड़क को चालू होना था, लेकिन अब तक सड़क बन हीं नहीं सका। जिलाधिकारी द्वारा भले हीं 10 दिसंबर की तिथि सड़क को चालू करने के लिए दे दी गयी हो, लेकिन संवेदक के रवैये से यह कार्य आसान हीं नहीं बल्कि नामुमकिन लग रहा है।

सड़क के कई हिस्सों में बने पुलों का अप्रोच रोड तैयार नहीं हुआ है। सोहसराय हॉल्ट के पास रेलवे लाइन के दोनों हिस्से में सड़क निर्माण नहीं हुआ है। कई हिस्सों में अभी सिर्फ मिट्टी का हीं काम हुआ है तो कहीं पत्थर बिछाया गया है। कारपेटिंग का काम बाकी है। ऐसे में यह सड़क 10 दिसंबर तक चालू हो पायेगा यह निर्देश तो दे दिया गया लेकिन आसान नहीं लगता। अगर यह सड़क चालू हो जाती है तो बिहारशरीफ शहर जो रोज जाम से जूझ रहा है को जाम से काफी हद तक मुक्ति मिल सकेगी।

शहर के दक्षिणी बाइपास जिसका निर्माण एनएचएआई करा रही है की भी प्रगति काफी असंतोषप्रद है। इस सड़क को भी मार्च 2020 में चालू हो जाना था। बाद में सड़क चालू होने की और दो तिथियां बढ़ी, लेकिन हकीकत है कि यह सड़क भी अभी तक आधी अधूरी है। एनएच 30 की ओर से जहां ये सड़क शुरू होती है, वहां कुछ हिस्से में जहां अभी तक सिर्फ मिट्टी का काम हुआ है तो कुछ हिस्से में पत्थर बिछाया गया है। अभी भी तुंगी के पास पुल बना है, लेकिन अप्रोच सड़क नहीं जुट सका है।

इसके आगे के हिस्से में भी एक-दो स्थानों पर यही स्थिति है। सच तो यह है कि अभी मिट्टी का ही काम बाकी है। फिर पत्थर बिछाना और कारपेटिंग जैसे काम शेष है। ऐसे में यह सड़क कब बनकर तैयार होती है यह तो समय ही बतायेगा, लेकिन इस बाइपास के बन जाने से पावापुरी रोड रेलवे स्टेशन के पास रेलवे क्रॉसिंग पर लग रहे जाम से काफी हदतक मुक्ति मिल सकेगी।

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