शिवपाल और अखिलेश यादव करेंगे समझौता, 2022 में भाजपा को हराने के लिए भतीजे से करेंगे गठबंधन

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लखनऊः वरिष्ठ समाजवादी नेता और प्रगतिवादी समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती है।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि 2022 चुनाव के लिए अलायंस करेंगे। हमारा संगठन 75 ज़िलों में पूरा तैयार है। हमारी प्राथमिकता समाजवादी पार्टी है पर अन्य पार्टियों के साथ भी हम अलायंस करेंगे। शिवपाल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से भाजपा सरकार को हटाने के लिए वह अन्य दलों से गठबंधन करेंगे।

भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करेंगे

‘हम 2022 उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करेंगे। हमारी प्राथमिकता समाजवादी पार्टी के साथ सहयोगी होगी। हम राज्य के अन्य दलों से भी बात करेंगे।’ उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है और राज्य और केंद्र में भाजपा सरकार द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को देश या उसके लोगों के हित में नहीं जोड़ा है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी 2022 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों में किसी भी प्रमुख दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी, लेकिन छोटे दलों के साथ साझेदारी कर सकती है। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन उनकी प्राथमिकता में है।

अखिलेश यादव के हाल के उस बयान के परिप्रेक्ष्य में खासा महत्वपूर्ण

शिवपाल का यह बयान सपा अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाल के उस बयान के परिप्रेक्ष्य में खासा महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी सपा से तालमेल करती है तो सत्ता में आने पर वह शिवपाल को कैबिनेट मंत्री बनाएंगे। शिवपाल ने कहा कि उनकी पार्टी का संगठन प्रदेश के सभी 75 जिलों में तैयार है।

उनकी पार्टी का वजूद बना रहेगा और वहां सपा के साथ-साथ अन्य पार्टियों से भी गठबंधन करेंगे। प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकारों ने जनता से जो भी वादे किए थे वे सब खोखले निकले। भाजपा सरकार का एक भी फैसला देश हित में नहीं रहा इससे जनता बहुत दुखी है।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले अखिलेश और उनके चाचा शिवपाल के बीच सरकार तथा संगठन पर वर्चस्व को लेकर तल्ख़ियां बहुत बढ़ गई थीं। सपा के सत्ता से बाहर होने के बाद शिवपाल ने सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के रूप में एक अलग पार्टी बना ली थी।

शिवपाल ने विधानसभा चुनाव में सपा से गठबंधन के संकेत दिए

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्‍यक्ष और पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से मिलकर चुनाव लड़ने के संकेत दिए। उन्‍होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव से मेरा कोई मनभेद नहीं है, मतभेद होना स्‍वाभाविक है लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए।

बहराइच में शिवपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधानसभा चुनाव में अगर हमें सम्‍मान जनक सीटें मिलीं तो हम सपा से गठबंधन करेंगे। सवालों के जवाब में उन्‍होंने कहा कि 2022 में भाजपा को हराने के लिए हम अपनी विचारधारा से मेल खाने वाले सभी राजनीतिक दलों से गठबंधन करेंगे। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दीपावली के दिन संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ”2022 के विधानसभा चुनावों में जसवंतनगर सीट पीएसपी अध्यक्ष शिवपाल यादव के लिए छोड़ी जाएगी। राज्य में सपा सरकार बनी तो चाचा शिवपाल को कैबिनेट मंत्री भी बनाया जाएगा।”

शिवपाल के आज के बयान को अखिलेश के इसी बयान के क्रम में एक कदम आगे बढने का संकेत माना जा रहा है। शिवपाल ने कहा कि भाजपा सरकार में नौकरशाही हावी है और विधायकों की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि किसान और व्यापारी परेशान है, महंगाई लगातार बढ़ रही है और वर्तमान सरकार कोविड-19 नियंत्रण में पूरी तरह असफल साबित हुई है।

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