राज्यों के साथ मिलकर तय की जायेगी कोरोना के टीकाकरण की प्राथमिकता-प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री ने कोरोना के उच्च प्राथमिकता वाले 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक
बैठक में हुयी कोरोना के मौजूदा हालात और टीकाकरण पर विस्तृत चर्चा

-आज समाचार सेवा-
नई दिल्ली, 24 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वैक्सीन को लेकर राज्यों से कहा है कि इस बारे में फैलायी जा रही अफवाहों पर लगाम लगाकर वे लोगों को जागरूक करें। साथ ही प्रधानमंत्री ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन के लिये अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान करते हुये कहा है और इसके लिये नागरिक संगठनों, विद्यार्थियों, एनसीसी, एनएसएस तथा मीडिया का हर संभव सहयोग लिया जाय।
प्रधानमंत्री ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोरोना के उच्च प्राथमिकता वाले 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुयी उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री नेे कहा कि राज्यों के साथ विचार विमर्श के बाद तय किया जायेगा कि कोरोना की वैक्सीन को प्राथमिकता के आधार पर किसे दिया जाय। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने वैक्सीन के भंडारण के लिये अतिरिक्त कोल्ड चैन के विषय पर भी चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे बेहतर परिणाम के लिये जिला और राज्य स्तर पर कार्यबल गठित करें और राज्य स्तर पर एक समिति गठित कर लें।
प्रधानमंत्री ने राज्यों को आश्वस्त किया कि सरकार वैक्सीन को लेकर भारतीय निर्माताओं और वैश्विक नियामकों तथा विभिन्न देशों के साथ लगातार संपर्क में है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि लोगों को दी जाने वाली वैक्सीन वैज्ञानिक मानकों पर पूरी तरह खरी उतरे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना के खिलाफ संघर्ष के दौरान हमारा ध्यान देश के हर नागरिक के जीवन को बचाने पर केंद्रित था, उसी तरह हमारी प्राथमिकता होगी कि कोरोना का टीका हर नागरिक तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिये सरकार राज्यों के साथ मिलकर हर स्तर पर सहयोग करेगी, जिससे कि उचित तरीके से लोगों का टीकाकरण किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा कि कोरोना पर काबू पाने के लिये यह जरूरी है कि गांव और सामुदायिक स्तर पर आरटी-पीसीआर जांच की संख्या बढ़ायी जाय और जागरूकता अभियान को तेज किया जाय। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य कोरोना के कारण होने वाली मृत्युदर को 1 फीसदी से नीचे लाये जाने पर होना चाहिये।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शुरुआत से लेकर अबतक कोरोना को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया को हम चार चरणों मंे देख सकते हैं। पहला चरण भय का था, जब लोगों के बीच बदहवासी और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। दूसरे चरण में लोग कोरोना वायरस के संक्रमण को छिपाते दिखे। तीसरे चरण में लोग इसे स्वीकार करने लगे और लोगों की जागरूकता में वृद्धि देखी गयी। लोगों के स्वस्थ होने की दर जैसे-जैसे बढ़ती गयी, इसके बाद चैथे चरण में वायरस को लेकर लोगों के मन में जो भ्रांतियां थी वो समाप्त होने लगी और लापरवाही बढ़ गयी।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह बहुत जरूरी है कि हम लोग कोरोना को लेकर जागरूकता को इस चैथे चरण में और अधिक बढ़ायें। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मरीजों की संख्या में जो वृद्धि दर्ज की जा रही है, उसके पीछे कुछ राज्यों द्वारा दी गयी ढील प्रमुख कारण नजर आ रही है। इसे देखते हुये मेरा सभी राज्यों से अनुरोध है कि वे हर स्तर पर पूरी तरह से सतर्क और जागरूक रहें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने अपने सामूहिक प्रयासों से कोरोना का सही तरीके से मुकाबला किया है, जिसकी वजह से लोगों की स्वस्थ होने की दर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है और मृत्युदर में कमी दर्ज की जा रही है। पहले से अब हालात काफी बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों की संख्या बढ़ायी जा रही है। इन अस्पतालों में अक्सीजन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में इस तरह के 160 नये आक्सीजन प्लांटों की स्थापना का काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने आज जिन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की उनमें हरियाण, दिल्ली, छत्तीसगढ़, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शामिल रहे।
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