दिल्ली में प्रदूषण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदूषण की निगरानी के लिये तैनात की 50 टीमंे
-आज समाचार सेवा-
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में अचानक वृद्धि के बाद अब राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने राजधानी में 96 फीसदी प्रदूषण के लिये जहां राज्य सरकार की निष्क्रयता को जिम्मेदार बताया है, वहीं केजरीवाल सरकार ने पलटवार में केंद्र से पूछा है कि 15 दिन पहले राज्य में हवा की गुणवत्ता सामान्य थी तो इस बीच दिल्लीवासियों ने ऐसा क्या किया कि जिससे प्रदूषण अचानक बढ़ गया। इस बीच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की निगरानी के लिये 50 टीमों को तैनात कर दिया है।
दिल्ली और एनसीआर में बढ़े प्रदूषण पर सफाई पेश करते हुये केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पराली जलाने की वजह से सिर्फ 4 प्रतिशत प्रदूषण बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि बाकी 96 फीसदी प्रदूषण स्थानीय कारकों जैसे निर्माण, बायोमास के जलने और धूल की वजह से है। हालंाकि इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार से अपील भी की है कि वह पराली जलाना बंद करे। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुये जावड़ेकर ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली-एनसीआर में निरीक्षण के लिये केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 50 टीमें तैनात की गयी है।
जावडेकर के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने पूछा कि आज केंद्रीय मंत्री ने पराली के कारण सिर्फ 4 फीसदी प्रदूषण की बात कही है, मेरा उनसे यही सवाल है कि 15 दिन पहले राज्य में हवा की गुणवत्ता का सूचकांक सामान्य था तो फिर इन 15 दिनों में राजधानीवासियों ने ऐसा क्या किया जो ऐसी स्थिति सामने आ गयी है।
वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सर्दियों में धुएं से अधिक नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की कोशिशों से राजधानी में प्रदूषण 25 प्रतिशत तक कम हुआ है। केजरीवाल ने आज ‘रेड लाइन आॅफ गाड़ी आॅफ’ अभियान की शुरुआत करते हुये राज्य के लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि जब वो रेड लाइट पर रुकें तो अपनी गाड़ी आॅफ कर दें।
मालूम हो कि दिल्ली और एनसीआर में बीते कुछ दिनों से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। दिल्ली का आईटीओ का इलाका सबसे प्रदूषित हो गया है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुये राजधानी में डीजल जनरेटर चलाने पर पाबंदी लगा दी गयी है। अक्टूबर में दूसरे साल सबसे अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब में किसानों द्वारा धान की पराली जलाने से दिल्ली और एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खराब हुई है।
गौरतलब है कि पंजाब के किसान पराली न जलाने के लिये सरकार द्वारा बोनस नहीं दिये जाने को जिम्मेदार बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि पराली जलाने के अलावा उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
(समाप्त…/)

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