बिहारशरीफ: विभागीय आदेश की अवहेलना कर सिविल सर्जन ने नौ चिकित्सकों की कर डाली प्रतिनियुक्ति

प्रधान सचिव का कोई पत्र नहीं लेकिन आदेश में दिया वीडियो कांफ्रेंसिंग का हवाला

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बिहारशरीफ (आससे)। नालंदा में स्वास्थ्य महकमा में यह चर्चा है कि ‘‘ना खाता न बही, सीएस ने जो कहा वो सही’’। यानी कि नियम कानून को ताक पर रखकर सिविल सर्जन द्वारा रोज नये आदेश लाये जा रहे है। पकड़े जाने पर वरीय पदाधिकारियों की फटकार सुनने के बाद फैसला वापस लेना उनकी आदतों में शुमार हो गया है। दो महीना बाद सेवानिवृत्त होने वाले सिविल सर्जन आज के दिनों में ना केवल विभाग में बल्कि सरकारी महकमा में चर्चा का केंद्र बिंदू बने हुए है। पदस्थापना काल से हीं विवादों से इनका गहरा रिश्ता रहा है।

सिविल सर्जन के विरुद्ध डीएम द्वारा कई आदेश पारित किया गया। कई मामलों की जांच करायी जा रही है। बावजूद इसे नजरअंदाज कर सिविल सर्जन ने फिर एक नया आदेश लाकर विभाग में अपनी अहमियत दिखाने का प्रयास किया है। सिविल सर्जन ने जो निर्णय लिय है वह शायद उनके दायरे से बाहर है। सूत्रों की मानें तो चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति में सिविल सर्जन ने खूब लेन-देन की है। चर्चा है कि सेवानिवृत्ति के पूर्व नियमों को ताक पर रखकर सिविल सर्जन कमाई के लिए कुछ भी उलटा-पुलटा आदेश निर्गत कर रहे है।

सिविल सर्जन ने अपने ज्ञापांक 3811, दिनांक 24-11-2020 के जरिये नालंदा के नौ चिकित्सा पदाधिकारी को प्रतिनियुक्ति कर दी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग बिहार के ज्ञापांक 2/एएम54/2015-839(2), दिनांक 01 जुलाई 2015 के तहत राज्य के सभी सिविल सर्जन को जिला स्तर से चिकित्सक एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति रद्द करने को कहा गया था और सभी सिविल सर्जन को यह निर्देश दिया गया था कि विशेष परिस्थिति में किसी चिकित्सा संस्थान में प्रतिनियुक्ति की आवश्यकता हो तो पूर्ण औचित्य के साथ मुख्यालय को प्रस्ताव भेजे ताकि उसपर समुचित निर्णय लिया जा सके।

इन चिकित्सकों की हुई प्रतिनियुक्ति
डॉ. मो. आसिफ आजाद अति. प्रा. स्वा. केंद्र, धमौली, इस्लामपुर अति. प्रा. स्वा. केंद्र, ओइयाव, अस्थावां, डॉ. एस.एम. हसरत अब्बास अति. प्रा. स्वा. केंद्र, मुरगांव, बेन अति. प्रा. स्वा. केंद्र, देवरिया, बेन, डॉ. राकेश कुमार अति. प्रा. स्वा. केंद्र, बराह, हरनौत अति. प्रा. स्वा. केंद्र, गोखुलपुर मठ, हरनौत, डॉ. सचिन कुमार अति. प्रा. स्वा. केंद्र, तिउरी, बिहारशरीफ अति. प्रा. स्वा. केंद्र, बुधौल, नूरसराय, डॉ. रसिका सहाय अति. प्रा. स्वा. केंद्र, तेल्हाड़ा, एकंगरसराय अति. प्रा. स्वा. केंद्र, वाजितपुर, करायपरशुराय, डॉ. महेश कृष्णन अति. प्रा. स्वा. केंद्र, चौसंडा, परबलपुर अति. प्रा. स्वा. केंद्र, सैद बरही, थरथरी, डॉ. शिवेंद्र कुमार अति. प्रा. स्वा. केंद्र, डुमरावां, बिहारशरीफ अति. प्रा. स्वा. केंद्र, हुसैनपुर, रहुई, डॉ. संतोष कुमार अति. प्रा. स्वा. केंद्र, भूई, राजगीर अति. प्रा. स्वा. केंद्र, नालंदा, सिलाव, डॉ. सुधीर कुमार अति. प्रा. स्वा. केंद्र, गाजीपुर, गिरियक अति. प्रा. स्वा. केंद्र, विशुनपुर, नगरनौसा।

लेकिन ठीक इसके विपरीत सिविल सर्जन ने अपने आदेश में यह लिखा कि प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार पटना द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिये गये आदेश के आलोक में जिले के संचालित हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में सुचारू ढंग से चिकित्सा व्यवस्था संचालन हेतु जहां दो सामान्य चिकित्सक पदस्थापित है उनमें से एक सामान्य चिकित्सक को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां एक भी सामान्य चिकित्सक पदस्थापित नहीं है उन्हें कार्य व्यवस्था के तहत प्रतिनियुक्त किया जाता है।

सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने यह कहा था कि जहां डॉक्टर नहीं है वहां अतिरिक्त चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति के लिए सूची बनाकर अनुमोदन हेतु भेजें। लेकिन सिविल सर्जन ने आदेश हीं निर्गत कर दिया। नियम यह है कि प्रतिनियुक्त चिकित्सक अपने मूल पदस्थापना वाले अस्पताल के अलावे निर्धारित तिथि को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ड्यूटी करेंगे। लेकिन सिविल सर्जन ने जो प्रतिनियुक्ति की है उसमें चिकित्सक के पदस्थापित संस्थान के ड्यूटी से मुक्त करते हुए प्रतिनियुक्त संस्थान में ड्यूटी पर लगाया है।

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