कार्यक्रम स्थलोंपर अधिकारियोंका पूरे दिन दौरा

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आज समाचार सेवा-

विश्वनाथ मंदिर, गंगा पार रेती और राजघाट पर चला तैयारियों का दौर, कारिडोर में साफ-सफाई और चमकाने में जुटे अधिकारीअपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर 30 नवंबर को आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर तैयारियों का दौर पूरे दिन चला। इस दौरान अधिकारियों ने सभी कार्यक्रम स्थलों का दौरा किया और हर बिंदु पर विचार-विमर्श किया। आवश्यक निर्देश दिये और तैयारियां समय पर पूरा करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्तिक पूर्णिमा को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के साथ ही कारिडोर भ्रमण, क्रूज से राजघाट पर जाने के साथ ही वहां लेजर शो, देव दीपावली में शामिल होने के साथ ही सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो देखेंगे।
वाराणसी में सबसे पहले वह मिर्जामुराद के खजूरी में जनसभा को संबोधित करेंगे और यहां एनएचएआई की एक योजना का भी लोकार्पण करेंगे। यह जनसभा उनकी कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इस दौरान वह कुछ घोषणा भी कर सकते हैं। यह अलग बात है कि अभी तक उनके आगमन को प्रस्तावित की ही सूची में डाला गया है। इसका मुख्य कारण पीएमओ की ओर से हरी झंडी और प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकृति अभी तक नहीं मिलना है। इसके बावजूद अधिकारी अपनी ओर से पूरी तरह तैयारी में जुटे हुए हैं और किसी भी तरह कोई जोखिम नहीं ले रहे हैं। यहां प्रधानमंत्री श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का दर्शन और विधिवत पूजन करेंगे। इसके लिये मंदिर प्रशासन ने अपनी तैयारी कर रखी है और कारिडोर के भ्रमण के मद्देनजर साफ-सफाई भी कराई गई है। कुल मिलाकर अधिकारियों का प्रयास है कि उनकी ओर से कोई भी कमी नहीं हो। यहां ललिता घाट पर समतलीकरण करने और जेटी लगाने सहित अन्य कार्य पूरे कर लिये गये हैं तो खजूरी में भी जनसभा की तैयारियों का दौर पूरा होने को है। राजघाट, रविदास घाट और सारनाथ में भी तैयारी चल रही है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की दिनभर चली बैठक में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपे गये और आम जनमानस के सुविधा पर भी ध्यान देने पर विमर्श किया गया। दरअसल, देव दीपावली होने के कारण इस पवित्र मास में स्नान करने वाले लोगों और यहां घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर शासन-प्रशासन इस मसले को लेकर काफी संजीदा है। इसके कारण अस्सी से लेकर राजघाट तक किनारे पर भारी फोर्स लगाने की भी तैयारी है। देव दीपावली पर गंगा में नौकायन करने वालों को इस आयोजन से काफी फर्क पड़ेगा, क्योंकि इस पर रोक लगाये जाने की पूरी आशंका है।

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