कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर कृषि के कामकाज की समीक्षा की

0
12

ऋणी कृषकों के लिए विकल्प चयन 8 जुलाई तक,

लिखित में देना होगा आवेदनस्थानीय आपदाओं और फसल कटाई के बाद 25 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर मिलगी बीमा की राशि

नारायणपुर जिलाधीश श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार शाम कृषि विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में मानसूनी वर्षा शुरू हो गई है। खरीफ फसल के लिए किसानों को खेती से संबंधित उपयोगी सलाह दें, ताकि फसल का रकबा बढ़े। बैठक मंें उपसंचालक कृषि श्री बी.एस. नाग, सहायक संचालक श्री पी.डी. मंडावी एवं कृषि विस्तार अधिकार और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि किसानों के हितों के लिए संचालित केन्द्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, जरूरी जानकारी एवं लाभकारी योजनाओं के बारें में भी बतायें।


    कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है। आप सभी अपने क्षेत्रों में किसानों को शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दें तथा किसानों को इन योजनओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने किसानों के क्रेडिट कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार अपने क्षेत्र मे करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की भी जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में फसल बीमा योजना अन्तर्गत फसल का कम उत्पादन, बेमौसम बारिश के चलते जिले के तकरीबन 300 किसानों को 22 लाख रूपए का बीमा का मुआवजा दिया गया है।


    कृषि अधिकारियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना में ऋणी कृषक ( भू-धारक व बटाईदार) तथा गैर ऋणी कृषक (भू-धारक व बटाईदार ) दोनों शामिल हो सकते है। जो ऋणी कृषक इस योजना में शामिल होना चाहते है। उन्हें निर्धारित प्रपत्र में घोषण पत्र बीमा आवेदन की अन्तिम तिथि 8 जुलाई 2020 तक वित्तीय संस्थान में अनिर्वाय रूप से जमा करना होगा। कृषक द्वारा निर्धारित समय-सीमा में हस्ताक्षारित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिए स्वीकृत/नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिर्वाय रूप से उसका बीमा किया जायेगा। अतः ऐसे ऋणी कृषक बीमा नहीं कराना चाहते वे 8 जुलाई 2020 ( अन्तिम तिथि से सात दिवस पहले) तक निर्धारित घोषण पत्र में भर कर संबंधित बैंकों में भरकर जमा करना होगा। बीमा खीरफ मौसम में आवेदन की अन्तिम तिथ 15 जुलाई 2020 है।


    अधिकारियों ने यह भी बताया कि खरीफ फसल धान सिंचित फसल में 90 प्रतिशत व धन असिंचित मक्का, मूंगफली, तुअर (अरहर) अन्य तिलहन में 80 प्रतिशत क्षति स्तर निर्धारित की गई है। रबी फसल चना फसल में 90 प्रतिशत व गेहूू सिंचित गेहूं असिंचित, राई-सरसों एवं अलसी फसल हेतु 80 प्रतिशत क्षति होने पर ही मुहावजा देय होगा। बैठक में कृषि अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय जोखिमों यथा ओलावृष्टि, जलप्लावन, बादल फटना और प्राकृतिक आकाशीय बिजली से अधिसूचित फसल में नुकसान होने की स्थिति में व्यक्तिगत बीमा कराने वाले किसानों को क्षतिपूर्ति किये जाने का प्राावधान है।


    यदि किसी प्रभावित ईकाई में 25 प्रतिशत से ज्यादा हानि होती है, तो किसाना को क्षतिपूर्ति देय होगी। लेकिन किसान को इसकी सूचना संबंधित बीमा कंपनी को सीधे टोल फ्री नम्बर (एग्रीकल्चर इंश्योरंश कंपनी ) 1800-11-6515  पर या लिखित रूप से अथावा स्थानीय राजस्व/कृषि अधिकारियों, संबंधित बैंक को निर्धारित समय-सीमा 72 घंटे के भीतर बीमित फसल के ब्यौरा, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित सूचित करना होगा। बीमा कंपनी द्वारा 10 दिवस के भीतर क्षतिपूर्ति निर्धारित की जयेगी। फसल कटाई के उपरांत खेत मे सुखने के लिए फैलाकर रखी हुई फसल में 25 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर भी बीमा द्वारा मुहावजा दिया जायेगा। इसकी सूचना बीमित किसानों को 48 घंटे के भीतर संबंधित बैंक और कृषि अधिकारियों को लिखित में देनी होगी ।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें