जहानाबाद: टिड्डियों के दल ने जिले में दी दस्तक

खेतों और पेड़ो पर जमाया अपना कब्जा

0
29

जहानाबाद। किसानों के लिए मुसीबत का कारण बनी राजस्थानी टिड्डियों के दल ने जिले में दस्तक दे दी है। जहानाबाद-पटना जिला की सीमा पर बसे तकरीबन आधा दर्जन गांव में पहुंचे टिड्डियों के दल ने खेतो और पेड़ो पर कब्जा जमा लिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि पहले तो आसमान में टिड्डियों के आने से बिल्कुल अंधोरा छा गया, जिसके बाद करोड़ो की संख्या में बड़ी-बड़ी टिड्डियों ने खेतो और पेड़ो पर कब्जा जमा लिया। बड़ी तादाद में पेड़ पर बैठी टिड्डियों ने देखते ही देखते पेड़ का सारा पत्ता चट कर डाला। सेवनन पंचायत के सलेमपुर गांव में टिड्डियों के हमले को देखते हुए ग्रामीणों ने थाली और ढोल पीटकर भागने की कोशिश भी की।

वही किसानों और ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंचे कृषि विभाग के अधिाकारियों ने दमकल गाड़ी से दवा का छिड़काव शुरू कर दिया जिसकी वजह से लाखों की तादाद में टिड्डियाँ मर गयी। वही दमकल विभाग के केमिकल का छिड़काव करते ही टिड्डियों का दल पटना जिले की ओर रवाना हो गया। किसानों ने बताया कि टिड्डी दल के हमले से वो अब भी भयभीत है कि कही टिड्डियों का दल फि़र से वापस आ कर खेतो में लगे बिचड़ो को न चट कर जाये। भयभीत किसानों ने बताया कि जिस तेजी से यह टिड्डी दल पेड़ के पत्तो और खेतों में लगी फ़सल को चट कर जा रही है इससे किसानों में काफ़ी भय व्याप्त है।

उन्होंने कहा कि अगर टिड्डियों ने धान के बिचड़ो को खा लिया तो एक बार फि़र से इस इलाके में धान की फ़सल नही लग पाएगी। वही केमिकल के छिड़काव से टिड्डियों का दल पटना जिला की ओर कूच कर गया है। बता दें कि टिड्डी पेड़, पौधो, मक्का, सब्जी व अन्य किसी भी फ़सल पर बैठती है तो उसे खा जाते हैं। उसके हटते ही फ़सल सूखने लगती है। अगर उत्तर बिहार में यह प्रवेश करता है तो लीची, आम, मक्का और सब्जी को भारी नुकसान होगा।

बताया कि टिड्डी के विश्व में 10 हजार प्रजातियां हैं। अभी जो दल देश में आया है वह सबसे खतरनाक है। इसे रेगिस्तानी प्रजाति कहा जाता है, जो अफ्रीका में पाया जाता है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें