बिहारशरीफ: प्रशासनिक अमला और कृषि विभाग की टीम ने टिड्डियों को नालंदा से खदेड़ भगाया

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  • रात में किया जा रहा है पेड़ों पर बने उसके आशियाने पर छिड़काव
  • एकंगरसराय प्रखंड से नालंदा में टिड्डी किया था प्रवेश जिसे वापस भेजा गया जहानाबाद

बिहारशरीफ (आससे)। आखिरकार जिला प्रशासन की तैयारी को लेकर टिड्डी दल को नालंदा छोड़ना पड़ा। हालांकि वापस लौटने की प्रबल संभावना है, लेकिन इसे भगाने और मारने की तैयारी पहले से थी और अब जिला प्रशासन और कृषि अमला ने कार्रवाई शुरू कर दी है। देर रात तक काफी संख्या में टिड्डियों को मार गिराने की तैयारी है तथा मंगलवार की अहले सुबह से टिड्डियों को नालंदा की ओर बढ़ने से रोकने की भी पूरी तैयारी की गयी है।

सोमवार को टिड्डियों का दल जहानाबाद के रास्ते नालंदा में घुसा जरूर। खेत मे फसल नहीं होने के कारण ऊंचे-ऊंचे वृक्षों पर आशियाना बनाना शुरू किया था। इसी बीच पहले से तैयार बैठी कृषि विभाग तथा जिला प्रशासन की टीम आक्रामक हुई। डंके और ढोल बजाये गये। इसी बीच मौसम ने साथ दिया। हवा का रूख बदला और फिर हिलसा एसडीओ के नेतृत्व में बीडीओ, सीओ तथा कृषि विभाग की टीम ढोल बाजे और अग्निशमन दस्ता के साथ टिड्डियों को नालंदा से वापस जहानाबाद की ओर मोड़ दिया।

जिला पदाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि रात में हीं एक्शन होना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन वृक्षों पर टिड्डियों का आशियाना है वहां रात में हीं दवा का छिड़काव किया जायेगा, जिसके लिए अग्निशमन दस्ता दवा की घोल के साथ तैयार है। उन्होंने बताया कि मंगलवार की अहले सुबह से पूरी टीम फिर तैनात रहेगी ताकि टिड्डी नालंदा की ओर ना बढ़े।

उन्होंने बताया कि छिड़काव का काम शुरू हो गया है और छिड़काव के बाद भारी संख्या में टिड्डी मारे जायेंगे। ऐसे में अलग से और दल नहीं आया तो फिर कल के एक्शन में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व हीं वे तेल्हाड़ा तथा इर्द-गिर्द के गांवों का दौरा किये थे।

इसी क्षेत्र से टिड्डियों के प्रवेश की संभावना थी। डीएम ने बताया कि नेयावां, पार्थू, तेल्हाड़ा, नारायणपुर आदि इलाकों में टिड्डी प्रवेश किया था। इन इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

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