चंदौली : ड्रम सीडर मशीन से खेतों में होगी धान की बोआई

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सकलडीहा। अब किसानों को धान की फसल के लिये नर्सरी डालने व उखाडऩे के लिये रोपनी की आवश्यकता नहीं होगी। किसान स्वंय एक घंटें में एक बीघा धान की सीधी बोआई कर समय और पैसे की बचत कर सकता है। कृषि विभाग द्वारा संचालित डा. रेड्डी फाउंडेशन के माध्यम से किसानों को ड्रम सीडर मशीन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे धान की सीधी बोआई किया जा सकता है। इस विधि से बोआई से किसानों के समय और पैसे के बचत में काफी इजाफा होने की उम्मीद जगी है। किसानों को धान की फसल बोआई के लिए खेतों में धान की नर्सरी के लिये रोपनी के माध्यम से बोआई कराया जाता है। इसके बाद नर्सरी तैयार होने पर उखाड़कर पुन: बोआई कराया जाता है। इस कार्य के लिये किसानों को एक एकड़ में पांच से छ: हजार रूपया खर्च करना पड़ता है। जिसे राहत देने के लिए कृषि विभाग द्वारा संचालित डा. रेड्डी फाउंडेशन के माध्यम से किसानों को इन समस्याओं से निजात दिलाने का पहल शुरू किया है। इस बाबत कृषि विभाग के प्रदीप सिंह क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि इस विधि से किसानों को समय के साथ पैसे की भारी बचत होगी। किसानों को बोआई के लिये मशीन नि:शुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। गौरतलब है कि किसानों को फसलोंं के बुआई के लिए रोपनियों की आवश्यकता पड़ती थी जिन्हे २५० से ३०० रूपये प्रति रोपनी को पारिश्रमिक भुगतान भी करना पड़ता था। बोआई के समय में रोपनियों की भी काफी किल्लत होती है। किसानों द्वारा काफी खोज बिन के बाद उनसे रोपनी करवाया जाता था। लेकिन विभाग द्वारा किसानोंं को बुआई के लिए नि:शुल्क ड्रम सीडर मशीन मिलने से किसानोंं को समय के साथ – साथ आर्थिक बचत भी होगी। इसको लेकर किसानों मेंं हर्ष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने इस तरह का उपकरण उपलब्ध करा कर काफी सराहनीय कार्य किया है। ऐसे ही उपकरण किसानों को मिलते रहे तो उनमें कृषि कार्य के प्रति काफी लगाव होगा और कम समय में हमें आर्थिक बचत भी होगी।

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