बड़ी खबर: शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले की जांच करेगी एसटीएफ

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शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के सरगना समेत 6 को जेल

पहले 5 भेजे गए थे जेल , प्रकाश में आये कई और नाम

आज समाचार सेवा


लखनऊ/प्रयागराज/कोइरौना/भदोही। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े व धांधली के मामले की जांच सरकार के निर्देश पर डीजीपी ने ‘स्पेशल टॉस्क फोर्स’ यानी एसटीएफ को सौंप दिया है। प्रयागराज में ठगी के शिकार हुए प्रतापगढ़ निवासी अभ्यर्थी राहुल सिंह ने एक गिरोह द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने व नकल आदि से सम्बंधित आरोप लगाए थे। पुलिस पिछले 4 जून से लगातार छानबीन में जुटी हुई थी। प्रारम्भिक जांच में गिरोह का बड़े नेटवर्क का पता चला था और कई साक्ष्य भी मिले थे। जिसके चलते लगातार विपक्ष व मीडिया में सवाल पर सवाल भर्ती प्रक्रिया के पारदर्शिता को लेकर उठ रहे थे। प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर उक्त प्रकरण में सरकार को घेरा था। इस बीच सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। अब एसटीफ़ को इस धांधली मामले की पूरी जांच सौंप दी गई है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी देते हुए बताया कि जो भी जांच में दोषी मिलेगा, उनपर शिकंजा कसते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। और यदि धांधली हुई होगी, तो संलिप्त व लाभान्वित हुए अभ्यर्थी पर भी कार्रवाई होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को डिबार करते हुए भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा। 
बता दें कि प्रकाश में आये गिरोह के तार भदोही से विशेष रूप से जुड़े हुए हैं। यहां से पुलिस ने नामजद आरोपी बारीपुर के ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं गिरफ्त से बाहर नामजद आरोपी प्रधान का भाई भी गैंग का प्रमुख मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
उधर प्रयागराज की सोरांव पुलिस ने 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थियों से ठगी और नकल कराने के आरोप में 6 और आरोपियों को जेल भेज दिया है। बता दें कि प्रतापगढ़ के राहुल सिंह ने डॉ केएल पटेल समेत आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने छापेमारी कर नामजद आरोपी बारीपुर ग्राम प्रधान व प्रयागराज के केएल पटेल समेत 8 को हिरासत में लिया था। खबर है कि छानबीन में पुलिस ने कई साक्ष्य हासिल किए। वहीं पुलिस ने नामजद आरोपी डॉ कृष्णलाल पटेल उर्फ केएल व भदोही के बारीपुर के प्रधान रुद्रपति उर्फ श्रवण दुबे संतोष सिंह धर्मेंद्र सरोज रंजीत पासी ललित त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सूचना है कि पुलिस ने छानबीन में परीक्षा भर्ती धांधली कराने वाले इस गिरोह से हाल ही में संपन्न हुई सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के नाम लिखी डायरी मार्कशीट लैपटॉप व कई डाक्यूमेंट्स दो वाहन सहित 22 लाख रुपए बरामद किए हैं। डायरी में दर्ज भर्ती में सफल हुए 2 अभ्यर्थियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर छानबीन करने के साथ रविवार को 3 अन्य के साथ कुल पांच को जेल भेजा था। खबरें हैं कि पुलिस के प्रारंभिक छानबीन में पता चला है कि गिरोह तमाम भर्तियों में पेपर लीक कराकर सॉल्वर टीम से सवाल हल कराकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उत्तर कुंजी उपलब्ध कराता था। वहीं सोरांव पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान गिरोह के सदस्य दुर्गेश व संदीप पटेल सहित कईयों का नाम प्रकाश में आया है। उनके साथ नामजद आरोपी बारीपुर प्रधान के भाई मायापति की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कहा कि पुलिस डायरी में दर्ज अन्य अभ्यर्थियों को भी हिरासत में लेने के फिराक में जुटी हुई है। बहरहाल इस शातिर गिरोह के पूरे कारनामे और सत्यता पुलिस की विवेचना के बाद ही सामने आ पाएंगे।

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