प्रदेशमें डिजिटल पेमेंट अनिवार्य

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प्रदेशमें डिजिटल पेमेंट अनिवार्य

  • शर्तोंके साथ खुलेंगे धार्मिक स्थल और होटल
  • मूर्तियों और ग्रन्थों को छूना वर्जित
  • प्रसाद वितरण और पवित्र जल छिड़काव पर रोक
  • होटलों में ग्राहकों का रखा जायेगा विवरण

लखनऊ (आससे)। प्रदेश में आगामी आठ जून से खुलने वाले धार्मिक स्थलों और होटल व रेस्टोरेंट के सम्बन्ध में केन्द्र के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने गाइड लाइन जारी किया है। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने बताया कि कन्टेनमेंट ज़ोन के धार्मिक स्थल नहीं खोलें जायेंगे।  धार्मिक स्थल पर एक बार में एक स्थल पर पांच से अधिक श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं होगा।प्रवेश द्वार पर सेनेटाइजर और इन्फ्रारेड थर्मामीटर की व्यवस्थाओं से से धार्मिक स्थलों को लेस किया जाये। बिना मास्क प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा।मंदिरों की मूर्ति और ग्रंथों को छूने की अनुमति नहीं दी गई है और प्रसाद वितरित पवित्र जल छिड़काव की अनुमति नहीं दी गई है। लाइन लगने की स्थिति में छह फीट की दूरी का विशेष ध्यान रखा जाये। वेंटिलेशन और एयर कंडीशनरों के उपयोग के समय 24-30 डिग्री का तापमान होना जरूरी है। धार्मिक स्थलों पर सभा और मण्डली नहीं होंगी।धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्ड किये गये भक्ति संगीत और गाने बजाये जा सकेंगे। प्रार्थना सभाओं में एक ही दरी और मैट व चादर के उपयोग से बचना होगा। श्रद्धालुओं को अपने लिये अलग अलग से मैट,चादर और दरी आदि लानी होगी। लंगर और सामुहिक रसोई व अन्न दान के समय सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाना अनिवार्य है। पुजारी और अन्य किसी भी चीज को छूना वर्जित है। धार्मिक स्थलों की लगातार सफाई किया जाना अनिवार्य है। इस मौके पर 65 वर्ष की आयु से अधिक और बीमारी से ग्रस्त लोगों से जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलने की सरकार ने अपील की है।फेस मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग करने के साथ छह फीट की दूरी बनाये रखने की सलाह दी है। इस दौरान यदि कोई बीमार हो जाये तों तत्काल स्वास्थ्य हेल्प लाइन नम्बर 1800180145 पर सूचना देनी होगी।होटलों के रिसेप्शन पर अतिथियों के पहचान पत्र के साथ विस्तृत जानकारी और स्व घोषणा पत्र लिया जाये। होटलों में डिजिटल पेमेंट को अनिवार्य किया गया है। होटलों के कमरों में ग्राहकों के आने से पूर्व सेनेटाइज किया जाना जरूरी होगा। ग्राहकों को कन्टेनमेंट जोन में न जाने की सूचना देनी होगी। होटल का स्टॉफ फेस मास्क, सेनेटाइजर और ग्लव्स से परिपूर्ण होना चाहिए। होटल के डाइनिंग के स्थान पर रूम सर्विस को बढ़ावा दिया जाये। दरवाजे पर ही फूड आइटम के पैकेट रखे जाये न कि ग्राहकों के हाथ में दिये जाये। होटल प्राधिकारी द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग की जायेगी। रेस्टोरेंट के सम्बंध में आदेश जारी किया गया है कि रेस्टोरेंट के अन्दर बैठने की व्यवस्था इस प्रकार की जाये कि सोशल डिस्टेंस का पालन हों सके। डिस्पोजल मेन्यू का प्रयोग किया जाये। पेपर नैपकिन का उपयोग किया जाये। सम्पर्क विहीन प्रक्रिया तथा डिजिटल पेमेंट आदि को अपनाना अनिवार्य है। बुफे सेवा में सोशल डिस्टेंस के मानकों का पालन किया जायेगा। सीटिंग व्यवस्था पचास प्रतिशत से अधिक न हो।

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