नौकरी के नाम पर लूट, मास्टरमाइंड प्रधान सहित आठ पर एफआईआर

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हाईलाइट्स-


शिक्षक भर्ती से जुड़ा है मामला, प्रयाग पुलिस कर रही छानबीन

पुलिस को शिक्षा भर्ती धांधली से भी जुड़े होने के मिले कई सुराग 


प्रतापगढ़ निवासी अभ्यर्थी की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में 8 पर नामजद मुकदमा


भदोही के बारीपुर ग्राम का प्रधान व उसका भाई भी था मास्टरमाइंड, गिरफ्त में प्रधान, भाई की तलाश में पुलिस दे रही दबिश

खबर विस्तार से-

आज सं. कोइरौना (भदोही)। प्रयागराज की सोरांव थाने की पुलिस ने सनसनीखेज तरीके से नौकरी दिलाने के नाम पर लूट करने वाली फ्रॉड गैंग के मास्टरमाइंड सहित आठ की गिरफ्तारी कर बड़ा भंडाभोड़ किया है। भर्ती प्रक्रिया में धांधली कराने व अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसलूने वाली गैंग का एक खास मास्टरमाइंड व पार्टनर भदोही के कोइरौना थाना क्षेत्र के बारीपुर गांव का प्रधान रुद्रपति उर्फ श्रवण दुबे है। जिसे पुलिस ने कल (गुरुवार) उसी के ईट भट्ठे पर से दोपहर में दबोचा था। वहीं दूसरे नामजद आरोपी प्रधान के भाई मायापति दुबे की पुलिस तलाश में जुटी हुई है। 
प्रयागराज की सोरांव पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले के लालगंज के बहुचरा गांव निवासी राहुल सिंह के तहरीर पर कोइरौना क्षेत्र के बारीपुर के ग्राम प्रधान रूद्रपति उर्फ श्रवण दूबे व प्रधान के भाई मायापति दूबे व प्रयागराज के शशिप्रकाश सरोज व हरीकृष्ण सरोज व रंजीत व कमल पटेल और केएल पटेल व मिर्जापुर के आलोक उर्फ धर्मेंद्र सरोज पर धारा 406 419 420 467 468 व 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 
राहुल ने आरोप लगाया था कि रूद्रपति दुबे और केएल पटेल समेत आठ लोगों ने 69000 वाली शिक्षक भर्ती में चयन कराने के लिये उससे साढ़े सात लाख रुपये ले लिया। पर उसका चयन नही हुआ। राहुल के अनुसार जुगाड़ होने की बात कहकर गैंग ने पक्की नौकरी देनी की बात कही थी। और ओरिजनल प्रमाण पत्र भी ले लिया था। यह भी कहा था कि 15 से 20 और लोगों का प्रमाण पत्र भी उनके पास है।
पुलिस ने मामला शिक्षक भर्ती में धांधली से जुड़ा होने के नाते मुकदमा दर्ज कर लिया। और ताबड़तोड़ छापेमारी कर प्रयागराज से, फिर बारीपुर के प्रधान व उसके एक भाई सहित कुल आठ को हिरासत में ले लिया। प्रधान के साथ हिरासत में लिया गया उसका भाई नामजद आरोपी नहीं है, बल्कि नामजद आरोपी तीसरा बड़ा भाई अभी फरार है।
आरोपी ग्राम प्रधान और प्रयागराज निवासी केएल पटेल साल्वर और फ्रॉड गैंग के प्रमुख मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। वही खबर है कि विवादों में आई 69000 की शिक्षक भर्ती से तार जुड़ने के चलते एसटीएफ भी गहरायी से मामले को खंगालने में जुट गई है। 

इनसेट-


१. पुलिस ने बरामद की गाड़ी, कैश व प्रमाण पत्र

कोइरौना। मीडिया रिपोर्ट्स व सोरांव पुलिस के अनुसार शिक्षक भर्ती सहित अन्य भर्तियों में नियुक्ति दिलाने का ठेका लेने वाले गैंग की गिरफ्तारी के साथ उनके पास से साढ़े सात लाख नकद व अभ्यर्थियों की मार्कशीट व भर्ती संबंधित दस्तावेज व एक डायरी जिसमें अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक व रजिस्ट्रेशन नंबर लिखे हुए हैं को भी पुलिस ने बरामद किया है। पकड़े गए आरोपियों में कुछ एजेंट हैं जो शिक्षक भर्ती का नतीजा आने के बाद अभ्यर्थियों से वसूली करके जा रहे थे। यही नही गैंग के पास से कृषि विभाग से जुड़ा नियुक्त पत्र व दो लक्जरी वाहन भी बरामद हुआ है।

२. एक स्कूल से चलता था धांधली का खेल


कोइरौना। इस रैकेट का गिरफ्तार मुख्य आरोपी फूलपुर का पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ केएल पटेल बताया जा रहा है, जिसके फूलपुर क्षेत्र में चार कालेज चल रहे हैं। शहर के राजापुर इलाके में उसका घर है। प्रधान श्रवण दुबे भी इस गैैंग का मास्टरमाइंड था। पुलिस सूत्रों से खबर है कि कतिपय अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग हर प्रतियोगी परीक्षाओं का उसके स्कूल को सेंटर मिलता था। और वहीं से पेपर लीक कर और साल्वर गैंग बिठाकर अभ्यर्थियों तक आंसर की पहुंचाने का काम होता था।

३. पहले भी आ चुका है नाम, वसूली में निकले थे एजेंट

कोइरौना/सीतामढ़ी। जिले में कुछ माह पूर्व हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी उक्त साल्वर गैंग के मास्टरमाइंड व टीम का नाम सामने आया था। लेकिन सबूतों व तथ्यों के अभाव में कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं ठगी के मामले में छानबीन करते हुए सोरांव पुलिस सूत्रों ने बताया है कि आरोपियों ने शिक्षक भर्ती में पास कराने के लिए पांच से सात लाख प्रति अभ्यर्थी से ठेका लिया था। इसके लिए कुछ लोगों को आंसर शीट मुहैया कराई थी। आंसर शीट ले जाने के लिए एक विशेष रूमाल प्रिंट कराए जिसमें कोडिंग के थ्रू आंसर की दर्ज थे। सूचना है कि गैंग पहले कुछ पैसे व कैंडिडेट की ओरिजिनल मार्कशीट व डॉक्यूमेंट जमा कराती थी। और परिणाम आने के बाद एजेंटों के माध्यम से वसूली कराती थी। प्रयागराज समेत विभिन्न जिलों में करीब 20 अभ्यर्थियों से रुपए लेने थे। गुरुवार को बलवंत नामक एक युवक समेत कुछ अभ्यर्थियों से लगभग 7 लाख 56 हजार रुपए वसूली कर आरोपी जा रहे थे जहां रास्ते में इन गैंग के एजेंटों को पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ कर देर रात पुलिस ने दो अन्य लोगों को भी पकड़ लिया। वहीं पुलिस को अभी बारीपुर के मायापति दुबे की तलाश है।

४. बरामद डायरी में दर्ज एक अभ्यर्थी भी हुआ है चयनित

कोइरौना। मीडिया रिपोर्ट्स व पुलिस सूत्रों से मुताबिक एक अहम बात भी सामने आई है कि आरोपियों के पास से जिन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र व डायरी में दर्ज अनुक्रमांक व नाम मिले हैं। उनमें से एक का नाम शिक्षक भर्ती के चयनितों की सूची में भी शामिल है। वह बस्ती जिले का रहने वाला है। हालांकि अफसरों का कहना है कि अभी बहुत कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। खबर है कि बरामद डायरी में 70 लोगों के नाम हैं।

५. अर्जित की है अकूत सम्पत्ति, भाई भी हुआ सेलेक्ट

सीतामढ़ी। विश्वस्त सूत्रों से खबर है कि आरोपी ग्राम प्रधान श्रवण दुबे के भाई का भी हाल ही में 69000 की शिक्षक भर्ती में चयन हुआ है। ग्राम प्रधान कई वर्षों से इसी तरह के कुछ रैकेट से जुड़ा हुआ था। जिसके बूते अकूत संपत्ति इकट्ठा कर ली है। कई जगह जमीनों की रजिस्ट्री कराने के साथ बाइक एजेंसी व वृहद ईट भट्ठा भी चल रहा है। लक्जरी वाहन भी ग्राम प्रधान के पास है। खबर है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके कुछ खासमखास लोग घर से गायब हो गए हैं।

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