पटना: हर खेत तक सिंचाई हमारा लक्ष्य

उत्कृष्ट सिंचाई, उन्नत फसल अभियान की सीएम ने की समीक्षा

0
13
  • कुशेश्वर स्थान में बाढ़ से सुरक्षा एवं जल निकासी का करें तुरंत कार्य

(आज समाचार सेवा)

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा हैकि हर खेत तक ङ्क्षचाई का पानी पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। प्लाट वार  सर्वे करायें ताकि सिंचाई की अधिकतम क्षमता एवं लक्ष्य का सही आकलन  किया जा सके। टीम बनाकर सर्वे करायें कि किस एरिया में किस तरह का एरिगेशन कराया जाये, स्थानीय लोगों से भी मिलकर विमश करें।

हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने हेतु सिंचाई क्षमता का आकलन करायें। किस क्षेत्र में पानी की कितनी उपलब्धता है, किस एरिया में कैसे पानी पहुंचेगा, इसका आकलन करें तथा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रणनीति बनायें। नदियों को आपस में जोडऩे की संभावनाअें को भी तलाशें। मुख्यमंत्री रविवार को उत्कृष्टï सिंचाई, उत्पन्न फसल अभियान तथा बागमति बाढ़ प्रबंधन फेज थ्री बी तथा फेज फाइव ककी कार्ययोजना की समीक्षा के क्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि मॉनसून अवधि में वर्षा जल संचयन एवं सदुपयोग की योजना बनायें। सिंचाई कार्य के लिए सतही जल का उपयोग अधिक से अधिक हो सके, इसके लिए योजना बनायें। रेन वाटर हार्वेस्टिंग का ज्यादा सदुपयोग कर भूजल स्तर को बढ़ाने के  लिए कार्य करें। परंपरागत सिंचाई क्षमता को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए आहर, पईन, पोखर का जीर्णोद्घार, जल संचयन हेतु जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत कराया जा रहा है। इस कार्य में और तेजी लाने की जरूरत है। वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई क्षमता को और बढ़ाा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों की सिंचाइ के लिए इच्छक़ किसानों को एग्रीकल्चर फीडर के माध्यम से कवद्याुत कनेक्शन उपलब्ध कराये जा रहे हैं ताकि उन्हें सिंचाई कार्य में कम खर्च हो। किसानों को सिंचाई करने में डीजल से जहां १०० रुपये का खर्च आता है, वहीं बिजली से पांच रुपये का ही खच आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई हेतु इस्तेमाल किये जाने वाले स्टेट ट्यूबवेल पंचायतों को ट्रांस्फर किये जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि चौर क्षेत्र के एक भाग में जल संचयन हेतु नीचे मछली, उपर बिजली के कंसेप्ट पर तेजी से काम करें। साथ ही साथ दूसरे भाग में फल, सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा दें ताकि इससे किसानों को दुगुना फायदा हो। सिंचाई के अत्याधुनिक पद्घतियों को भी अपना कर जल के उपयोग की दक्षता में वृद्घि करें। अधिकतम सिंचाई क्षमता का विकास करें।

शहरी क्षेत्र के निचले इलाकों में ग्राउंड वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य करें। जलजमाव से निजात मिल सकेगी तथा भू जल स्तर भी मेंटेन रहेगा। उन्होने बागमती बाढ़ प्रबंधन फेज थ्री बी तथा फेज फाइव के प्रस्तुतीकरण के क्रम में तटबंधें के निर्माण के दौरान उसकी मजबूती के लिए यथासंभव आयरन स्टील पायलिंग का प्रयोग करें। उन्होंने कुशेश्वर स्थान में बाढ़ से सुरक्षा एवं जल निकासी के लिए सुदृढीकरण का काम शीघ्र करें।

बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा जल संसाधन मंत्री संजय झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, जल संसाधन सचिव संजीव हंस, कृषि तथा पशु एवं मत्स्य संसाधन सचिव एन सरवन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, अनुपम कुमार, ओएसडी गोपाल सिंह समेत विभाग के कइ अधिकारी मौजूद थे।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें