बिजली कर्मचारियों ने दिया धरना, निजीकरण का विरोध

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-आज समाचार सेवा-

आगरा। पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपे जाने को लेकर सोमवार को बिजली कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अफसरों ने विरोध में सहभागिता निभाई। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने डीवीवीएनएल कैम्पस में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कार्य बहिष्कार करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। इस बारे में अवर अभियंता ओपी गुप्ता ने बताया कि निजीकरण के विरोध को लेकर विद्युत कर्मचारियों का प्रदेश स्तर पर कार्य बहिष्कार का कार्यक्रम चल रहा है। निजीकरण न तो आम जनता के हित में है, न ही विद्युत कर्मचारियों के इसी को देखते हुए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बता दें कि इस दौरान डीवीवीएनएल कैम्पस में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात रहा। अवर अभियंता ओपी गुप्ता ने बताया कि सभी कर्मचारी अधिकारी कार्य का बहिष्कार कर रहे है। अपनी ओर से आपूíत को बाधित नहीं करेंगे। लेकिन इस दौरान कहीं फॉल्ट हो जाता है, या कोई अन्य लाइन ट्रिप कर जाती है तो मरम्मत का काम नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमने शासन को अपना ज्ञापन भेज दिया है। इसमें कुछ बिन्दुओं पर मांग की गई हैं। ये कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन अनिश्चतकालीन है। ये लगातार चलेगा।

नहीं होने दी जाएगी आपूर्ति बाधित

डीवीवीएनएल के वरिष्ठ अफसरों का कहना है कि विद्युत आपूíत को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए डीवीवीएनएल के अन्तर्गत आने वाले 21 जिलों में प्रबंधन की ओर से सभी नोडल अफसरों की जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई है। धरना प्रदर्शन विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले किया जा रहा है। इस दौरान अतुल अग्रवाल, कुलदीप कुलश्रेष्ठ, अनूप उपाध्याय, हिमालय अकेला, ओपी गुप्ता, देवेन्द्र सिंह, जितेंद्र पाल, एसके चौधरी, भूपेन्द्र बघेल, मोहन दास, अमित चौधरी, हरीश बंसल, मनोज अग्रवाल, पुनीत जैन, ललिता देवी, भानु प्रताप, अनूप उपाध्याय, अविनाश अम्बेश, डीसी शर्मा आदि मौजूद रहे।

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